अगर train driver सो जाता है। तो ट्रेन का क्या होता है?

आज हम एक ऐसा टॉपिक लेकर आया हु जिसे सुनकर आप के होशो आवाज उड़ जाएगा क्या आप को कुछ ज्ञात है? अगर चलती train का driver Loco pilot (LP ) सो जाए तो क्या होगा ?ट्रेन में रोज लगभग 8 milion लोग सफर करते हैं पर कभी सोचा है अगर आप जिस ट्रेन में बैठे हो उसका ट्रेन चालक सो जाए तो ट्रेन कौन चलाएगा ? क्या यह ट्रेन अपने आप चलेगा? या ट्रेन को स्टेशन मास्टर कंट्रोल करेगा ? इस सब के ऊपर आज इस सब के ऊपर विशेषण करने वाला हूं तो बने रहे हमारे साथ और ऐसे जानकारी पाते रहें और जानकार बनते रहें।

अगर train driver सो जाता है। तो ट्रेन का क्या होता है?

व्यवहारिक रूप से ऐसा स्थिति उत्पन्न होना एक नॉर्मल सी बात है। क्योंकि किसी भी व्यक्ति अगर एक ही जगह पर बैठा रहे तो उसे नींद आना एक नॉर्मल सी बात होता है। इंडियन रेलवे में ऐसा ही होता है एक ही जगह पर 8 घंटा बैठकर ड्यूटी करते हैं । Indian railways driver. पर इंडियन रेलवे सिस्टम इससे उभरने के लिए एक Loco ,और EMU का व्यवस्था करके रखता है।

हमारे इंडियन रेलवे सिस्टम ट्रेन को चलाने के लिए 2 लोगों को रखता है पहला loco pilot (LP )and assistant loco pilot (SLP) क्योंकि अगर अचानक से लोको पायलट को कुछ हो जाता है तो ऐसी स्टैंड लोको पायलट जो रहेगा वह अगले स्टेशन पर ट्रेन को ले जाने में सक्षम रहेगा और लोको पायलट को अगर कोई भी हेल्प चाहिए तो ऐसी स्टैंड लोको पायलट उसका मदद कर सकता है इसके लिए पायलट का साथ एक लोको पायलट को इंडियन गवर्नमेंट इंडियन रेलवे सिस्टम रखता है।

इंडियन रेलवे सिस्टम में एक loco pilot के सामने एक औजार लगाई जाती हैं जिसका नाम VIGILANCE DEVICE कहा जाता है जो कि loco pilot के सामने लगाया जाता है। जोकि लोको पायलट को हर कुछ Secando में उसे प्रेस करना पड़ता है अगर Loco pilot को अचानक से कुछ हो जाए तो assistent loco pilot पायलट उस बटन को प्रेस करते रहता है और automatic emergency brake लगने नहीं देता और station master को आगमन करते रहता है की train सुरछित है।

Assistent loco pilot उस ट्रेन को जैसे-तैसे अगला स्टेशन तक ले जाने का कोशिश करता है। अगर लोको पायलट या एसिस्टेंट लोको पायलट दोनों को अगर कुछ हो जाता है और उस बटन को प्रेस करने में असमर्थ रहे तो Indian railway system में एक electronic BCD Device लगा रहता है। जो की emergency brake का apply करता है। जो कि दुर्घटना होने से बचा जा सकता है।

Indian railways driver loco pilot or assistance loco pilot (Train driver) बहुत ही जिम्मेदारी के साथ ट्रेन को चलाते हैं। और मुसाफिर को अपने मंजिल तक पहुंचाने में समर्थ रहते हैं। अगर कोई लोको पायलट से कोई दुर्घटना घट जाती है तो वह असिस्टेंट लोको पायलट संभाल लेता है।

What would happen if someone disregarded the train red signal?

आजकल के जो इंडियन रेलवे सिस्टम में लगाई जा रही है वह ऑटोमेटिक ही काम कर रहा है मुंबई के कुछ ट्रेनों में ऐसा भी ऑटोमेटिक सिस्टम लगाए गए हैं। अगर कोई ट्रेन रेड लाइट को क्रॉस कर जाए तो आप सोचते होंगे आगे जाकर एक्सीडेंट हो सकता है मगर ऐसा कुछ भी नहीं है। मुंबई के कुछ ही ट्रेनों में ऐसा उपकरण लगाया गया है। अगर ट्रेन बहुत ही तेज गति से चल रही है, और रेड लाइट का सिग्नल अगर तोड़ दिया है तो कुछ दूर जाकर व ट्रेन ऑटोमेटिक ब्रेक लग जाएगा। और उस वक्त ट्रेन वहीं पर रुक जाएगा ऐसा कुछ ही ट्रेनों में अप्लाई किया गया है। indian railway system वह लगातार कोशिश कर रहा है कि हर एक ट्रेन में ऐसा सिस्टम इनस्टॉल किया जाए जिससे दुर्घटना होने के chances 90% कम हो जाए।

More read click here

——-Thanks——-

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *