Indian Train की सबसे धीरे चलने वाली ट्रेन कौन सी है?

क्या आप सबको पता है? Indian train की सबसे धीरे चलने वाली ट्रेन कौन सी है? बहुत से लोग train में यात्रा तो करते हैं? पर उनको यह पता नहीं होता है कि कौन सा train में सफर करने से रिक्स होता है और कोन सी नहीं ? आज हम इसके ऊपर डिस्कस करने वाले हैं। और आप सबको इसका जवाब भी देंगे तो बने रहिए हमारे साथ और चले में आज इस टॉपिक में आप सबको विश्लेषण करके बताऊंगा। और आपको बताऊंगा कि पहले लोग ट्रैन नहीं था तो लोग कैसे सफर करते थे ?

Indian Train की सबसे धीरे चलने वाली ट्रेन कौन सी है?

हमारे रेलवे सरकार को भी धन्यवाद देना चाहिए क्योंकि आज अगर हम रेलवे में सफर कर रहे हैं तो india govt. के लिए कर पा रहे हैं और हमें गर्व होना चाहिए कि न जाने डेली कितने ट्रेन लोगों को मंजिल तक पहुंचा रही हैं। पर दुख तब होता है जब हम Indian Railway के ऊपर भरोसा करके अपना यात्रा को शुरुआत करते हैं। और हमारे ट्रेन लेट हो जाता है, समय पर हम अपने मंजिल तक नहीं पहुंच पाते हैं उस टाइम हमें बहुत गुस्सा आता है।

और बुरा भी लगता है पर Indian Railway देर से चलने की बहुत सी कारण है। आज आप लोगों को इस सच्चाई से रूबरू करवाएंगे जो निर्धारित समय से भी देर से चलती है। जो ट्रेन पर वह खुद से कभी भी लेट नहीं होती हैं। उनका कुछ टेक्निकल इश्यूज होते हैं। जैसे मान लो कहीं पर पटरी खराब हो जाना, या इंजिन में प्रॉब्लम आ जाना , या पटरी में कोई समस्या होना, या CROSING हो जाना कोई इमरजेंसी ट्रेन है। उसको पास करना कहीं फिर फ्लाईओवर टूट चुकी हो या पटरी की मरम्मत चल रही हो।

और आज आप सब को कुछ ऐसे traino के नाम भी बताने वाला हु जो की Indian Railway में से बहुत धीरे चलने वाला train है।

Train Name :-

1 .Train number :54254 Lucknow Prayagraj Passenger जो की निर्धारित समय से तकरीबन 5 HOURS देर से चलती है।

2 .Train Number :- 12561 Darbhanga to new delhi चलने वाली Swatantra S Express 1126 km की दुरी तय करने में तक़रीबन 8 -9 hours निर्धारित रूप से धीरे चलती है।

3 .Train Number :- 15211 JANNAYAK EXP DARBHANGA से AMRITSAR से चलने वाली ट्रैन अपना निर्धारित समय से 1464 KM दुरी ताई करने में DAILY 9 .1 Hours let से चलती।

4 .Train Number :- 12331 Himgiri Express जो की Howrah Jn (HWH) से Jammu Tawi (JAT) चलने वाली 2222 अपने निर्धारित समय से तक़रीबन daily 10-11 hours let होती है।

5 .Train number :- 15120 Manduadih (MUV) Rameshwar express (RX ) हो की 27 -10 KM की दुरी तय करने में निर्धारित समय से DAILY 11 -12 HOURS LET से चलती है।

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Garib Rath train पर क्या आई मुसीबत ?

Garib Rath train और HAMSAFAR TRAIN आज इस topic के ऊपर बात करेंगे। Garib Rath train के ऊपर भी कभी ऐसे होगा क्या आप ने कभी सोचा है? हम लोग Garib Rath train से कभी न कभी सफर किये होंगे जो की बहुत ही सस्ता और अच्छा services देखने को मिलता है। ये train बहुत ही good condition का है। और बाकि ट्रेनों से इसका किराना भी काम है। इस सब के ऊपर आज हम Garib Rath train के ऊपर बिस्लेशड करने वाले है।

Garib Rath train पर क्या आई मुसीबत ?

Garib Rath train एक ICF train है ,जो 2006 में एक तेज़ और सस्ती और अछि सेवा देने के लिए उपयोग क्या जाता है। Garib Rath train आज तक़रीबन 13 बर्षो से सेवा प्रदान कर रहा है। अब Garib Rath train को एक दूसरे एक ट्रैन के साथ बदलने के बात चल रही है। Garib Rath train को Hamsafar train के साथ बदलने का आयोजन कर रहा है indian railway goverment की Garib Rath train बाकि ट्रैन से काफी losses में चल रहा है। जिस कारण से indian railway goverment को काफी नुकसान का भुक्तं करना पढ़ रहा है।

1Revenue: – Garib Rath train बाकि ट्रेनों से सस्ती में चलती है अन्य सामान्य ट्रेनों की तुलना में सस्ती होती है। जिसका परिणामसवरूप जिसे indian railway goverment को काफी नुकसान होता है। और दूसरी तरफ हमसफ़र ट्रैन एक HIGH CLASS और Priminum class train है। जिसका किराया सामान्य ट्रेनों से 1.5 अधिक हैं। इसमें diynemic किराया प्रणाली है। जो railway को ज्यादा कमाई करने में मदद करता है।

2. Safty :- हम सभी को पता ही होगा की LHB Coaches और ICF Coaches की तुलना में अधिक सुरझित है। Garib Rath train ICF Coach train है। जहा Hamsafar ex . एक LHB Coach train है।

3. Maintenance Cost :- Garib Rath train का जो Maintenance Cost लागत एक LHB की तुलना में बहुत अधिक है। ICF Coach 10 साल से अधिक पुराना है। तो इसका Maintenance Cost लागत साल बढ़ती रहती है।

Garib Rath train और Hamsafar ex . दोनों ही 3AC ट्रैन है। हाली में कुछ बाटे सामने आया है ,की INDIAN RAILWAY Garib Rath train का जगह कोई दूसरा नहीं लेगा। Garib Rath train को Upgrat क्या गया है। किराया पहले से थोड़ा बढ़या गया है। और officially कोई announcement नहीं क्या गया है।

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General Coach में passenger का ticket check करने के लिए TTE क्यों नहीं आता?

आज हम बहुत ही जबरदस्त topic लेकर आया हु। जिसे सुनकर आपका दिल खुश हो जाएगा क्योंकि यह TTE ticket check टीटी जो इंडियन रेलवे में सर्विस देते हैं। टीटी को यह अधिकार नहीं है कि वह जनरल कोच में जाकर यात्री का टिकट चेक कर सकता? तो क्या यह general coach में TTE टिकट चेक नहीं कर सकता? general coach में TTE TICKET चेक कैसे करता है ?और जिसका पास टिकट ना हो वह व्यक्ति क्या ट्रेन में सफर कर सकता है ?उसे कोई फाइन या जेल नहीं होगा क्या ?जो व्यक्ति बिना टिकट का जनरल कोच में सफर कर रहा है उसका कोई चालान TTE नहीं काट सकता क्या ? इस सब के ऊपर आज विश्लेषण करने वाले हैं।

General Coach में passenger का ticket check करने के लिए TTE क्यों नहीं आता?

अगर इंडियन रेलवे के TTE के ऊपर चर्चा करने से पहले एक जरूरी सूचना अगर INDIAN RAILWAY में आप यात्रा कर रहे हैं। तो उसका रूल्स रेगुलेशन को कभी ना तोड़े और उनका पालन करें। अगर आपको TTE TICKET मांग रहा है तो उसे आप टिकट दिखाना अनिवार्य है। और इसका उल्लंघन ना करें क्योंकि इंडियन गवर्नमेंट सिस्टम का उल्लंघन करने से इसका भुगतान आपको करना पड़ेगा तो जहां तक मेरा राय है कि इसका उल्लंघन ना करें क्योंकि इंडियन गवर्नमेंट का रूल्स रेगुलेशन तोड़ने से इनका सजा जेल भी हो सकता है।

Train में ticket cheack करने वाला बयक्ति जो Travelling Ticket Examiner TTE ticket check होता है। और station पर चेक करने वाला ब्यक्ति TC (Ticket Collector) कहलाता है।

1 ) General coach :- पहला बात की General coach जो होते है वो आपस में कभी नहीं जुड़े होते है। वो हमेसा एक दूसरे से अलग होता है जिसे TTE एक General coach से दूसरे General coach जाने में बहुत समस्या का सामना करना पड़ता है। RISK भी होता है।

2 )Train Speed :- train जब station से दूर distance के दुरी तय करती है तो उसका गति बहुत होता है। एक General coach से General coach में जाना काफी मुश्किल का काम होता है। फाटकों के माध्य से जाना इतनी मामूली बात नहीं है।अगर थोड़ी भी चूक हुआ तो TTE का जान जा सकता है।

3)Traffic :- General coach में बहुत जयादा लोग होते है। जहा पर जाना बहुत मुश्किल माना जाता है। और बहुत risky भी होता है अगर न जाने किसी में आप को धका दे दिया तो डायरेक्ट भगवन के पास पहुंच जाओगे। मेरा मतलब आप का जान भी जा सकता है।

पर अभी कुछ ट्रेनों में एक General coach से दूसरे General coach में जाना संभव हुआ है जैसे की मेट्रो ट्रैन।, local मेट्रो ट्रैन या नॉर्मली indian railway हो। और ट्रैन में टिकट ले कर जाना अनिबरिया है।

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अगर train driver सो जाता है। तो ट्रेन का क्या होता है?

आज हम एक ऐसा टॉपिक लेकर आया हु जिसे सुनकर आप के होशो आवाज उड़ जाएगा क्या आप को कुछ ज्ञात है? अगर चलती train का driver Loco pilot (LP ) सो जाए तो क्या होगा ?ट्रेन में रोज लगभग 8 milion लोग सफर करते हैं पर कभी सोचा है अगर आप जिस ट्रेन में बैठे हो उसका ट्रेन चालक सो जाए तो ट्रेन कौन चलाएगा ? क्या यह ट्रेन अपने आप चलेगा? या ट्रेन को स्टेशन मास्टर कंट्रोल करेगा ? इस सब के ऊपर आज इस सब के ऊपर विशेषण करने वाला हूं तो बने रहे हमारे साथ और ऐसे जानकारी पाते रहें और जानकार बनते रहें।

अगर train driver सो जाता है। तो ट्रेन का क्या होता है?

व्यवहारिक रूप से ऐसा स्थिति उत्पन्न होना एक नॉर्मल सी बात है। क्योंकि किसी भी व्यक्ति अगर एक ही जगह पर बैठा रहे तो उसे नींद आना एक नॉर्मल सी बात होता है। इंडियन रेलवे में ऐसा ही होता है एक ही जगह पर 8 घंटा बैठकर ड्यूटी करते हैं । Indian railways driver. पर इंडियन रेलवे सिस्टम इससे उभरने के लिए एक Loco ,और EMU का व्यवस्था करके रखता है।

हमारे इंडियन रेलवे सिस्टम ट्रेन को चलाने के लिए 2 लोगों को रखता है पहला loco pilot (LP )and assistant loco pilot (SLP) क्योंकि अगर अचानक से लोको पायलट को कुछ हो जाता है तो ऐसी स्टैंड लोको पायलट जो रहेगा वह अगले स्टेशन पर ट्रेन को ले जाने में सक्षम रहेगा और लोको पायलट को अगर कोई भी हेल्प चाहिए तो ऐसी स्टैंड लोको पायलट उसका मदद कर सकता है इसके लिए पायलट का साथ एक लोको पायलट को इंडियन गवर्नमेंट इंडियन रेलवे सिस्टम रखता है।

इंडियन रेलवे सिस्टम में एक loco pilot के सामने एक औजार लगाई जाती हैं जिसका नाम VIGILANCE DEVICE कहा जाता है जो कि loco pilot के सामने लगाया जाता है। जोकि लोको पायलट को हर कुछ Secando में उसे प्रेस करना पड़ता है अगर Loco pilot को अचानक से कुछ हो जाए तो assistent loco pilot पायलट उस बटन को प्रेस करते रहता है और automatic emergency brake लगने नहीं देता और station master को आगमन करते रहता है की train सुरछित है।

Assistent loco pilot उस ट्रेन को जैसे-तैसे अगला स्टेशन तक ले जाने का कोशिश करता है। अगर लोको पायलट या एसिस्टेंट लोको पायलट दोनों को अगर कुछ हो जाता है और उस बटन को प्रेस करने में असमर्थ रहे तो Indian railway system में एक electronic BCD Device लगा रहता है। जो की emergency brake का apply करता है। जो कि दुर्घटना होने से बचा जा सकता है।

Indian railways driver loco pilot or assistance loco pilot (Train driver) बहुत ही जिम्मेदारी के साथ ट्रेन को चलाते हैं। और मुसाफिर को अपने मंजिल तक पहुंचाने में समर्थ रहते हैं। अगर कोई लोको पायलट से कोई दुर्घटना घट जाती है तो वह असिस्टेंट लोको पायलट संभाल लेता है।

What would happen if someone disregarded the train red signal?

आजकल के जो इंडियन रेलवे सिस्टम में लगाई जा रही है वह ऑटोमेटिक ही काम कर रहा है मुंबई के कुछ ट्रेनों में ऐसा भी ऑटोमेटिक सिस्टम लगाए गए हैं। अगर कोई ट्रेन रेड लाइट को क्रॉस कर जाए तो आप सोचते होंगे आगे जाकर एक्सीडेंट हो सकता है मगर ऐसा कुछ भी नहीं है। मुंबई के कुछ ही ट्रेनों में ऐसा उपकरण लगाया गया है। अगर ट्रेन बहुत ही तेज गति से चल रही है, और रेड लाइट का सिग्नल अगर तोड़ दिया है तो कुछ दूर जाकर व ट्रेन ऑटोमेटिक ब्रेक लग जाएगा। और उस वक्त ट्रेन वहीं पर रुक जाएगा ऐसा कुछ ही ट्रेनों में अप्लाई किया गया है। indian railway system वह लगातार कोशिश कर रहा है कि हर एक ट्रेन में ऐसा सिस्टम इनस्टॉल किया जाए जिससे दुर्घटना होने के chances 90% कम हो जाए।

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——-Thanks——-

रात को plane अपना अपना रास्ता कैसे बदलता है ?

क्या आप सबको पता है? कि रात को प्लेन अपना रास्ता कैसे बदलता है? हम बहुत से लोग plan में यात्रा तो करते हैं पर उनको यह पता नहीं होता कि रात को सफर करने से रिक्स होता है की नहीं ? क्या या नहीं तो आज हम इसके ऊपर डिस्कस करने वाले हैं और आप सबको इसका जवाब भी देंगे तो बने रहिए हमारे साथ और चले में आज इस टॉपिक में आप सबको विश्लेषण करके दिखाई देता हूं। और आपको बताऊंगा कि पहले लोग प्लेन को रास्ता पता करने के लिए क्या करते थे ? और कैसे पता करते थे? कि plane को वहीं पर लैंड करना है? क्योंकि पहले तो कोई इलेक्ट्रॉनिक चीज भी नहीं होती थी ?

रात को plane अपना अपना रास्ता कैसे बदलता है ?

Air plane रात को अपना रास्ता कैसे पता करता है। सबसे बड़ा टॉर्पिक बंद कर आसमान में प्लेन को देखकर कई लोगों के मन में एक सवाल आता है। आखिर रात में प्लेन को अपने रास्ते कैसे पता चलता है ? कुछ लोगों को यह लगता है कि प्लेन तो हवा में उड़ता है। वह कहीं भी जा सकता है पर हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है प्लेन को भी खुद का रास्ता होता है। प्लेन अपना रास्ता छोड़कर दूसरे रास्ते में जाने का परमिशन नहीं होता है प्लेन का यह तय किया हुआ रास्ता होता है और जो रास्ते में उसे लैंड करना है। वही लैंड करता है। दूसरे जगह लैंड की अनुमति नहीं दी जाती है। वही लैंड कर सकता है क्योंकि बाकी रास्ते और PLANE के लिए होता है अगर पायलट बिना किसी अनुमति के LAND कर देता है तो वह प्लेन एक्सीडेंट भी हो सकता है और प्लेन का जो पायलट होगा उसका लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा।

और जेल भी हो सकता है और पायलट को आदेश देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक अवजार का यूज किया जाता है जिसका नाम रेडियो रेडर नामक लाइट का यूज किया जाता है। इसका अलावा एयर ट्रेफिक कंट्रोलर भी होता है। जो पायलट को आगमन करते रहता है कि पायलट को कितना ऊंचाई पर प्लेन को चलाना है और कितना स्पीड में चलाना है। और कहां पर लैंड करना है ?और पायलट को रास्ता दिखाने वाले एयर कंट्रोल होते हैं जो कि पायलट को रास्ता दिखाता है। पर कुछ लोग टॉनिक चीजों का यूज नहीं किया जाता था उस टाइम प्राकृतिक दिस्टि का यूज किया जाता था जैसे कि जमीन , रेलवे पटरी , पहाड़ देखकर ही लैंड किया जाता था।

उसके बाद अमेरिका में जमीन पर बहुत बड़ा बड़ा RED कॉलर का तीर बनाते थे जो कि पायलट को आसमान के ऊपर से क्लीयरली दिखाई दे सके और पायलट समझ सके कि हमें यहीं पर लैंड करना है। आप लोगों के मन में एक सवाल आता होगा कि रात को यह कि पायलट को कैसे दिखाई देगा? तो इसका भी उपाय अमेरिका ने कर रखा था रात को उसकी RED कॉलर का तीर के बीच एक रेड लाइट जलती थी जिसे पायलट को पता चल जाता था कि PLANE इस जगह लैंड करना है । उसके बाद ही रेडियो रेडर एयर ट्रैफिक को यूज करते थे।

अगर आप को ये इनफार्मेशन देने में सफल हुआ हु तो कृपया सपोर्ट करे।

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How does an electric train operate during rain?

आज हम बात करेंगे की How does an electric train operate during rain? हर रोज लोग ट्रैन में यात्रा करते है। कभी बारिस में तो कभी बिन बारिश में। पर एक सवाल मन में होता है की अगर हम बारिश के दिनों में जब यात्रा करते है। तब बहुत से ट्रैन प के पटरिया पानी में डूबी रहती है तो उस टाइम ट्रैन कैसे चलती है उस टाइम ट्रैन के सॉर्ट सर्किट होने का भी बहुत सा डर होता है। बहुत से सवाल हमारे दिमाग में आता है। ये सब का सलूशन मेरा मतलब उत्तर ले कर आया हु। पूरी जानकारी के लिए निचे दिए गई सूचि को पढ़े।

How does an electric train operate during rain?

तो आज इन सब सवालो के ऊपर बिस्तर रूप से चर्चा करेंगे और जानेंगे और फिर भारी बारिश और बाढ़ के दौरान ट्रेनें इतने आराम से कैसे चलती हैं। इसका उत्तर उन दो टर्मिनलों को समझने में है, जहां से ट्रेन अपनी बिजली खींचती है। जब भी ट्रैन की पटरी पानी में डूब जाता है। तब train के जो changing सर्कट होता है। जो की train के पटरी के सामने लगा रहता है। वो भी पूरी तरह से ख़राब /short सर्कट भी हो जाता है ,जिसे ट्रैन के पटरी को खुद से जा कर उसे lock कर देना पड़ता है। और जो local train है। उसे एक आदेश दया जाता है की वो ट्रैन को धीमी मात्रा से ही चलाये। नहीं तो कभी भी कुछ भी दुर्घटना हो सकता है।

अब हम बात करते है direct train के बारे में जो की पटरी पानी में डूबा रहने से क्या करता है ?

अगर ट्रैन दूर से आ रहा और उसका सिंग्लन green देना पड़ेगा पर बाढ़ पानी के बाजार से signel भी ख़राब हो गया तो उसे टाइम क्या करे ? उस टाइम जो station मास्टर होता है। सिग्नल के खम्बे के ऊपर ”’A”’ मार्क का एक diagram जिसे आप erro भी बोल सकते है। जो की ”A ” मार्क को देख कर ट्रैन के loco pilot समझ जाता है की 15 km per hours के speed से चलना पड़ेगा। ”A”’ मार्क का सिंग्नल वही लगाया जाता है जहा टेक्निकल issuse पाए जाते है। ”A”’ मार्क सिग्नल autometic installetion होता है।

अगर train का सिग्नल red हो फिर 15 km per hours के speed से चलना का अनुमति दी जाती है। अगर आगे जा कर सिग्नल green या yellow हो जाता है , तो speed बड़ा सकता है , नहीं तो 15 km per hours के speed धीरे -धीरे आगे बढ़ना परता है।

यहाँ पर और एक सवाल उत्पन होता है की क्या ट्रैन पानी में डूबा रहने से ट्रैन का जो ट्रैक्सन मोटर होता है वो ख़राब होता है ? तो इसका उत्तर यहाँ होता है की ट्रैक्सन मोटर बहुत ऊपर होता है जिस कारण से ट्रैक्सन मोटर में पानी नहीं पहुंच पता इस कारन से ख़राब होने का सवाल ही उत्पन नहीं होता।

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Google आप के बारे में क्या जानता है?

आप को पता है google आप के बारे में क्या जनता है ? बहुत से लोगो को पता नहीं होगा की google आप के बारे में क्या जनता है ? तो आज इस बिसय ऊपर बिस्तर रूप से चर्चा करने वाले है। और जानेंगे की गूगल आप के बारे में क्या -क्या जनता है क्या -क्या नहीं ? अधिक जानकारी के लिए निचे दी गई सूचि को ध्यान से पढ़े।

Google आप के बारे में क्या जानता है?

आप लोग जो भी google में सर्च कर रहे है। वो google आप के हर एक recorde रखता है। वो अच्छा हो या कुछ बुरा हो क्यों की गूगल एक Search Engine Optimization है। ये दुनिया के सबसे बारे sarch engine है। लेकिन अधिकांश लोगो को इसकी सिमा का अहसास नहीं है। क्या कर सकता है आप के साथ। अगर आप गूगल में कुछ खतरनाक चीजों का खोज कर रहे हो थो गूगल तुरंत ही आप को ट्रैक कर लेगा और आप के internet connection को बाद कर सकता है। इतना power full होता है ये Google Search Engine Optimization.

1 . लेकिन क्या बास्तव में गूगल आप को ट्रैक कर रहा है ? आप जब भी गूगल में कुछ सर्च करते हो तो वो रह जाता है। क्यों की गूगल की तरफ से एक history जेनेरेट होता ब्रावेसेर में रहता है। गूगल हर एक recode को संभल के रखता है। अगर कोई भी ऐसा चीज सर्च करते हो जो देश के खिलाफ है। तो गूगल आप के ऊपर एक्शन ले सकता है और आप के crime server को कंप्लेंट भी कर सकता है जिसे आप को जेल भी हो सकता है। तो याद रहे अगर आप कोई भी चीज सर्च कर रहे हो तो गूगल क नजर आप के ऊपर रहता है। सभाल के sarch करे।

2 .जयादा तर लोगो को ये अहसास नहीं है:- की अगर आप गूगल का सीधे -सीधे उपयोग नहीं कर रहे है फिर भी गूगल आप के ऊपर नजर जितना हो सके आप के ऊपर नजर रखता है। और आप के data को खोज करने का कोसिस करता है। एक गूगल के रिपोर्ट के मुताबित 75 % ब्रावेसेर गूगल का ही है। अगर कोई इनफार्मेशन आप को नहीं मिल रहा है तो वो गूगल में मिल जाता है और घूम फिर के आप Google Search Engine Optimization. में पहुंच जाओगे जिसे जिसे गूगल आप को ट्रेस कर लेगा।और आप जितना भी कोसिस करो history ब्रावेसेर से मिटने का पर गूगल के पास होता है।

3.Advertiser and add publiser :-आजकल लोगों को यह भी पता नहीं है कि गूगल द्वारा खोजे जाने वाले अधिकांश विज्ञापन मान लो सोशल मीडिया वीडियोस जो इंटरनेट और ऐसे में चलता है क्या आप उन लोगों को जानते हैं जो हर जगह आपके अनुसार अन करते हैं हां वह भी गूगल है वह और वे वास्तव में एक खोज कंपनी नहीं है वह एक ट्रैकिंग कंपनी है। वह इन कष्ट अपराध और दखल देने वाले विज्ञापनों के लिए उतना ही ट्रैक कर रहा है जितनी बार आप उन्हें देखते हैं जहां आप उन देखा था अगर आप उन पर क्लिक करते हैं। तो उसे गोले पैसा पता है। और उस advertiser को पैसा देता है। क्यों की गूगल एक add publiser होता है। इसका बदले में गूगल अपने पास 40 %रखता है। और 60 % advertiser को घुमा देता है।

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What is the best place to buy .com domains?

आज हम बात करेंगे best place to buy .com domains कहा से buy करे। बहुत लोग है, जो अपना business सुरु तो करना चाहते है। पर सुरु नहीं कर सकते है। क्यों की अपना website का नाम मान लो। . com , .in .co ये सब buy करने के लिए एक place चाहिए। तो ये सब के ऊपर बिस्तर रूप से चर्चा करेंगे। अधिक जानकारी के लिए निचे दी गई सूचि को अच्छे से पढ़े।

What is the best place to buy .com domains?

वेबसाइट के लिए एक डोमेन रजिस्ट्रार चुनना एक वेबसाइट बनाने बहुत ही महत्वपूर्ण चरणों में से एक होगा। कम ऑनलाइन स्रोत राज्य, आपकी आवश्यकताओं के अनुरूप सबसे अच्छा डोमेन buy करना उतना आसान नहीं है। बस अगर आप एक अपना बिज़नेस शुरुआत कर रहे हैं, और एक डोमेन का अर्थ आपके लिए एक रहस्य है, तो मैं आपको एक बुसनेस्स के साथ छोड़ देने में कोसिस करता है।

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  1. सबसे पहला बात domain रेजिस्टर और होस्टिंग दोनों बहुत ही जरुरी है। Hosting provider सिर्फ server प्रदान कर करता है। Hosting provider domain sell नहीं करता है। godaddy.com डोमेन सेल्ल करता है। आप अगर एक नया बुसनेस्स करना चाहते है। आप बहुत ही आसानी से godaddy.com से buy कर सकते है। क्यों की godaddy बहुत ही चीपेस्ट price में प्रोविद करवाता है।
  2. रजिस्ट्रार जो केवल डोमेन बेचने पर फोकस करते हैं। ये डोमेन रजिस्ट्रार किसी भी होस्टिंग प्लान को नहीं बेचते हैं, और इसकी संभव नहीं है कि आपको बंडल सौदे या महत्वपूर्ण छूट मिलेगा । कुछ लोग इस प्रकार के रजिस्ट्रार कंपनी से खरीदना पसंद करते हैं क्योंकि उनका मानना है कि डोमेन होस्टिंग कंपनी के नियमों और शर्तों से कम प्रभावित होगा। यह पूरी तरह से आप उस पर भरोसा कर सकते है। कि आप अपना डोमेन कहां से खरीदते हैं। हालांकि, यह सब कुछ एक जगह पर रखने से अच्छा होता है क्यों की अगर आप के कुछ loging बगेरा नहीं लॉस्ट होगा। इस तरह आप कभी परेशान को बचाएंगे आप और यह सुनिश्चित करेंगे कि डोमेन रजिस्टर करने में कम से कम समय लगेगा।

तो आप तय कर चुके है , आप कोन सा डोमेन रजिस्टर के साथ जाना चाहोगे? आप को सबसे पहला बात आप जो भी कंपनी के साथ अपना डोमेन को जोर रहे है। वो किसी brand से ही buy करे। क्यों की अगर आप किसी छोटा से बरवेसेर

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